Home Big grid नया बिहार नयी शक्ल में उभरेगा -राज्यपाल

नया बिहार नयी शक्ल में उभरेगा -राज्यपाल

617
0
SHARE

ईमानदारी, परिश्रम और विजन -इन तीनों के बल पर ही युवा उद्यमी राज्य का औद्योगिक विकास कर सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप नया बिहार नयी शक्ल में उभरेगा।

पटना:राज्य से पलायन रोकने के लिए उद्योग-धंधों का विकास आवश्यक है। औद्योगिकीकरण के बल पर ही राज्य समृद्ध हो सकता है। ईमानदारी, परिश्रम और विजन -इन तीनों के बल पर ही युवा उद्यमी राज्य का औद्योगिक विकास कर सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप नया बिहार नयी शक्ल में उभरेगा।’’-उक्त उद्गार, महामहिम राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने बिहार इंडस्ट्रीज एशोसियेशन के ‘प्लेटिनम जुबली वर्ष’ के अन्तर्गत बी॰आई॰ए॰ एवं भारतीय डाक विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित ‘विशेष आवरण’ के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। कार्यक्रम बी॰आई॰ए॰ सभागार में आयोजित किया गया था।
राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा कि बिहार की प्रतिभाएँ बाहर में जाकर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। आज आवश्यक है कि राज्य के आर्थिक सशक्तीकरण हेतु युवा अपनी ईमानदारी, प्रतिभा, परिश्रम एवं विजन का भरपूर उपयोग करें। राज्यपाल ने कहा कि औद्योगिकीकरण से राज्य मंे बेरोजगारी कमेगी और राज्य से प्रतिभा-पलायन रूकेगा। श्री टंडन ने कहा कि आज भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कोई-न-कोई योजना संचालित हो रही है। सरकार की नीतियों से और उपलब्ध संसाधनों से सभी लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार-नियंत्रण के लिए भी ठोस प्रयत्न हुए हैं ताकि योजनाओं का लाभ सीधे गरीबों तक पहुँचे।
राज्यपाल ने कहा है कि कृषि क्षेत्र में खाद्य-प्रसंस्करण एवं मूल्य-संवर्द्धन (टंसनम मकपजपवद) के माध्यम से उद्योग-धंधों का काफी विकास हो सकता है। उन्होंने कहा कि पशुधन के विकास से दुग्ध-उत्पादन बढ़ाते हुए विभिन्न अनुषंगी उद्योगों का विकास हो सकता है। श्री टंडन ने कहा कि परिश्रम और ईमानदारी के बीच में संसाधन ज्यादा बाधक नहीं बनते। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसा पहली बार संभव हुआ है कि उद्योग और उत्पादन के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ जगी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि उपभोक्ता और उत्पादक -दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों को एक दूसरे के हितों का ख्याल रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमियों को राज्य में उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक युग की जरूरतों के मुताबिक नये उद्यमों के विकास की ओर उन्मुख होना पड़ेगा। श्री टंडन ने कहा कि बिहार में प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है। बिहार का इतिहास भी शानदार रहा है। यहाँ के प्रतिभावान उद्यमियों के पास ज्ञान, परिश्रम और ईमानदारी भी है। जरूरत है कि राज्य के औद्योगिक विकास हेतु नये निवेश के प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
स्वयं संविधान का संरक्षक, राज्य के प्रथम नागरिक और विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होने के नाते मर्यादाओं का पूरा ख्याल रखते हैं; किन्तु मर्यादाओं के परिपालन के साथ-साथ व्यापक जनहित का भी उन्हें ख्याल रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ‘लाट साहब’ बने रहने का अंग्रेजों का जमाना अब नहीं रहा। राजभवन सबके सुझाव प्राप्त करने को लेकर बराबर तत्पर रहेगा।

कार्यक्रम में बी॰आई॰ए॰ के ‘प्लेटिनम जुबली वर्ष’ के अवसर पर जारी ‘विशेष आवरण’ को लोकार्पित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है, जिसके लिए बी॰आई॰ए॰ और भारतीय डाक विभाग -दोनों बधाई के पात्र हैं। राज्यपाल ने कहा कि डाक विभाग को बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा में शामिल होकर नये समृद्ध भारत के निर्माण में यशभागी बनना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि 75 वर्ष पूरा कर चुके बी॰आई॰ए॰ को 100वें वर्ष में पहुँचने तक अपनी उपलब्धियों को और अधिक तेजी से बढ़ाना चाहिए।
कार्यक्रम में स्वागत-भाषण करते हुए बी॰आई॰ए॰ के अध्यक्ष श्री के॰पी॰एस॰ केशरी ने बी॰आई॰ए॰ की उपलब्धियों का ब्योरा दिया।
सभा को चीफ पोस्ट मास्टर जेनरल श्री एम॰ई॰ हक एवं पी॰एम॰जी॰ (पूर्वी प्रक्षेत्र) श्री अनिल कुमार ने भी संबोधित किया। धन्यवाद-ज्ञापन बी॰आई॰ए॰के महासचिव श्री अरविन्द कुमार सिंह ने किया।